मानवता
मैं भी मानव तुम भी मानव हर मानव को मानव समझ कर सम्मान करो ।
मानव ने ही समाज बनाया है, उसको उन्नत करके, न किसी का भी अपमान करो।
मैं ऊंचा हूं, तुम नीचे हो, ऐसी सोच का तिरस्कार करो।
सब ईश्वर की रचना हैं, सब समान हैं, ऐसी सोच का विस्तार करो।
मानवता
मैं भी मानव तुम भी मानव हर मानव को मानव समझ कर सम्मान करो ।
मानव ने ही समाज बनाया है, उसको उन्नत करके, न किसी का भी अपमान करो।
मैं ऊंचा हूं, तुम नीचे हो, ऐसी सोच का तिरस्कार करो।
सब ईश्वर की रचना हैं, सब समान हैं, ऐसी सोच का विस्तार करो।
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