क्या बात है इतने नन्हें से मेरे जज्बात हैं। बेखबर होकर हंसू भी कैसे तहजीब के ताले है होठों पर । दर्द बह जाए पिघलकर दिलों से, मगर इन आँखों पर जमाने के पहरे हैं। इन इमोजीस मे सिमट गए है दर्दौ-गम और खुशियां मेरी, तो एक नही सारी इमोजीस है बेहद प्यारी मुझे। 😃
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