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Shabd Aur Soch
शब्द जो सोच को आवाज़ देते हैं।
जीवन एक धरोहर जीवन एक धरोहर इसे सम्भालना होगा| इंसानियत का दिया नराधमी युग में जलाकर रखना होगा |कलयुगी राक्षश चाहे जितना खींचे मर्यादा को | देवत्व का परचम उठाये रखना होगा | काले कीचड़ मे धंस गयी कतरता दया की नीव को धरा पर रखना होगा |