जीवन एक धरोहर इसे सम्भालना होगा|
इंसानियत का दिया नराधमी युग में जलाकर रखना होगा |
कलयुगी राक्षश चाहे जितना खींचे मर्यादा को |
देवत्व का परचम उठाये रखना होगा |
काले कीचड़ मे धंस गयी कतरता दया की नीव को धरा पर रखना होगा |
जीवन एक धरोहर इसे सम्भालना होगा|
इंसानियत का दिया नराधमी युग में जलाकर रखना होगा |
कलयुगी राक्षश चाहे जितना खींचे मर्यादा को |
देवत्व का परचम उठाये रखना होगा |
काले कीचड़ मे धंस गयी कतरता दया की नीव को धरा पर रखना होगा |